
जेल रोड स्थित होमगार्ड लाइन के पास चेकिंग के दौरान रोके जाने पर एक व्यक्ति ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया। वह खुद को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जीजा बता रहा था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा- प्रदेश में मेरी करोड़ों बहनें हैं, मैं कइयों का साला हूं। कानून अपना काम करेगा। मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के बाद ट्रैफिक पुलिस ने हंगामा करने वाले को तीन हजार रुपए का चालान भेजा है। आधे घंटे तक किया हंगामा: दरअसल, चुनाव आयोग ने अधिकारियों की मीटिंग लेकर वाहनों से हूटर हटवाने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत पुलिस गुरुवार को शहर के अलग-अलग प्वाइंट पर चेकिंग कर रही थी। इनमें से एक प्वाइंट सूबेदार दीपांकर स्वर्णकार के नेतृत्व में जेल रोड स्थित होमगार्ड लाइन के पास भी लगा था। दोपहर करीब 12 बजे ट्रैफिक पुलिस के सिपाही ने एमपी 17 बी 8040 नंबर की स्कॉर्पियो गाड़ी को हाथ देकर रोका। ड्राइविंग सीट के बगल में बैठे व्यक्ति ने कहा- सीएम मेरे साले हैं। सिपाही ने कहा कि ये बात आप गाड़ी से उतरकर साहब को बता दो। इससे नाराज व्यक्ति ने गाड़ी से उतरते ही सिपाही का हाथ पकड़ लिया और साथ बैठी महिला से कहा- निकाल जरा चप्पल। यह देख चैकिंग कर रहा पूरा स्टाफ वहां आ गया और बहस शुरू हो गई। घटनाक्रम करीब आधे घंटे चला। डीएसपी पहुंचे तब खत्म हुआ हंगामा: इस बीच मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने फोन कर अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। जानकारी के बाद डीएसपी मधुकर चौकीकर मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने दोनों पक्षों को समझाया और बगैर कोई कार्रवाई करवाए मामला रफा-दफा किया। गाड़ी राजेंद्र सिंह चौहान के नाम से रजिस्टर्ड है। ट्रैफिक पुलिस ने मामले की जांच के बाद शुक्रवार को राजेंद्र सिंह चौहान को 3000 रुपए का चालान भेजा।
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