...ताकि बना रहे लोकतंत्र का उत्सव भाव
गरीब, किसान और मज़दूर के मुद्दे केवल राजनीतिक दलों के घोषणापत्रों को लुभावना बनाने तक ही सीमित रह गए हैं और कोई भी दल इनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं नज़ार आता है.
from Zee News Hindi: Special News http://bit.ly/2I1XlUP
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