स्थायी नहीं होता दूसरों का हक छीन कर पाया सुख : डॉॅ. शिवमुनिउदयपुर| आचार्य शिवमुनि ने कहा कि दूसरों का हक छीन कर पाया सुख स्थायी नहीं होता है। अंतत: इसका परिणाम दुख ही होता है।... आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें from दैनिक भास्कर https://ift.tt/2Q0uUaM
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