शुक्रवार को महाराष्ट्र पुलिस ने फिर एक बार दोहराया कि उनके पास 31 दिसंबर को पुणे में हुई 'एल्गार परिषद' में शामिल और देश के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार संदिग्ध मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ 'निर्णायक सबूत' हैं। शनिवार वाड़ा में आयोजित इस कार्यक्रम के ठीक एक दिन बाद पुणे के भीमा कोरेगांव में हिंसा हुई थी।
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