
बंटवारे, नामांतरण, वसीयत और अचल संपत्ति बेचने के लिए अब लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। संपत्ति की पहली रजिस्ट्री कराते ही इन सभी मामलों के लिए प्रकरण अपने आप ही दर्ज हो जाएगा। आनलाइन प्रक्रिया पूरी करने पर मोबाइल पर एसएमएस से राजस्व कोर्ट का नाम और सुनवाई की तारीख तय होगी। समय-सीमा में तुरंत समाधान हो जाएगा। साफ है कि रजिस्ट्री के बाद किसी भी व्यक्ति को नामांतरण या अन्य काम के सिर्फ आवेदन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
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