डियर जिंदगी : कितनी तारीफें चाहिए!

‘सोशल’ मीडिया के आने के बाद हमने अपरि‍चितों के लिए कड़वी बातें खास तौर पर निर्मित करनी भी शुरू कर दी है. पूर्वाग्रह से रचित और उतने ही प्रशंसा की चाशनी में लिपटे तथ्‍य उनके लिए जिनके आसपास हमारी आशा की बेल पनप रही है.

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